Local & National News in Hindi

दुमका: बिहार के बेगूसराय से स्केटिंग कर देवघर और बासुकीनाथ धाम पहुँचे दो युवक, देखने के लिए उमड़ी भीड़

18

दुमका (झारखंड): पवित्र श्रावण मास के छठे दिन बिहार राज्य के बेगूसराय जिले से स्केटिंग (Skating) करते हुए दो शिवभक्त श्रद्धालु बासुकीनाथ धाम पहुँचे। दोनों युवकों ने सुल्तानगंज के पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा तट से जल उठाकर सर्वप्रथम बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) में जलाभिषेक किया, जिसके उपरांत बासुकीनाथ धाम पहुँचकर फौजदारी बाबा पर जल अर्पित करने की धार्मिक विधि सफलतापूर्वक संपन्न की।

🛼 “बाबा को प्रसन्न करने के लिए अपनाया अलग विचार”, वर्ष भर से कर रहे थे विशेष अभ्यास

स्केटिंग करते हुए आए एक युवक ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यहाँ आने वाले श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ को प्रसन्न करने हेतु भांति-भांति के जतन व विचार अपनाते हैं।

कोई नंगे पाँव पैदल यात्रा करता है, कोई ‘डाक बम’ के रूप में जल अर्पित करता है, तो कोई वाहनों के माध्यम से जल लाता है। परंतु हम दोनों ने भगवान आशुतोष को प्रसन्न करने के लिए स्केटिंग करते हुए कांवड़ यात्रा पूर्ण करने का संकल्प लिया था, जो आज बासुकीनाथ में जलार्पण के साथ पूर्ण हुआ। युवक ने यह भी बताया कि इस कठिन यात्रा को पूरा करने के लिए वे विगत एक वर्ष से निरंतर अभ्यास कर रहे थे।

🏞️ 5 दिनों में तय की 155 किलोमीटर की कठिन दूरी, आस्था के सामने फीकी पड़ी थकान

बेगूसराय के इन दोनों धावक श्रद्धालुओं की भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था ही थी, जो उन्हें तमाम बाधाओं के बीच खींच लाई।

युवकों ने बताया कि वे पेशेवर स्केटर हैं और कुल 5 दिनों की निरंतर यात्रा करके भगवान शिव का जलाभिषेक करने के बाद उन्हें असीम शांति व सुकून प्राप्त हुआ है। उन्होंने मन में ठाना था कि इस बार कुछ भिन्न और अनूठे अंदाज में भगवान भोलेनाथ के दरबार में हाजिरी लगाएंगे, जिसकी तैयारी वे काफी समय से कर रहे थे।

👀 स्केटर बमों को देखने हेतु उमड़ी भीड़, बासुकीनाथ मंदिर परिसर में बना आकर्षण का केंद्र

सुल्तानगंज से 155 किलोमीटर की दूरी स्केटिंग के जरिए तय कर बासुकीनाथ धाम पहुँचे इन ‘स्केटर बमों’ को देखने के लिए मंदिर प्रांगण और रास्ते भर आम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ एकत्र हो गई।

दोनों युवाओं की इस अनोखी एवं कठिन भक्ति भावना की सराहना मंदिर परिसर में मौजूद हर श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक कर रहा था।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.