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भारत में प्रीमियम शराब की बंपर बिक्री: रेडिको खेतान का मुनाफा 76% बढ़ा, जानें यूनाइटेड स्पिरिट्स और UBL के Q1 नतीजे

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नई दिल्ली: भारत के मदिरा उद्योग (Liquor Industry) में महंगे एवं प्रीमियम ब्रांडों की तेजी से बढ़ती मांग शराब निर्माता कंपनियों की कुल कमाई और विकास दर को गति प्रदान करने में केंद्रीय भूमिका निभा रही है।

वित्त वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही (Q1 FY27) के दौरान यूनाइटेड स्पिरिट्स, रेडिको खेतान तथा एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स जैसी दिग्गज कंपनियों के प्रीमियम ब्रांड सेगमेंट में 10 प्रतिशत से लेकर 36 प्रतिशत तक की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। देश की अग्रणी बीयर निर्माता कंपनी यूनाइटेड ब्रुअरीज के प्रीमियम वॉल्यूम में भी 17 प्रतिशत की मजबूत बढ़त देखने को मिली। हालांकि, कच्चे माल की बढ़ती लागत तथा विभिन्न राज्यों में आबकारी नीतिगत संशोधनों के कारण कतिपय कंपनियों के शुद्ध मुनाफे पर आंशिक दबाव भी देखा गया।

🥃 प्रीमियमाइजेशन बना ग्रोथ का मुख्य चालक, महंगे व्हिस्की, वोदका और जिन की बिक्री में उछाल

वित्त वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में भारतीय शराब उद्योग के लिए ‘प्रीमियमाइजेशन’ (Premarket Transition to Premium Brands) सबसे बड़ा ग्रोथ ड्राइवर बनकर उभरा है।

यूनाइटेड स्पिरिट्स, रेडिको खेतान और एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स के प्रीमियम सेगमेंट की बिक्री में 10 से 36 फीसदी का इजाफा हुआ। इस विशिष्ट सेगमेंट के अंतर्गत व्हिस्की, वोदका, जिन और रम जैसे महंगे एवं प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय ब्रांड सम्मिलित हैं। सामान्यतः प्रीमियम एवं उससे उच्च श्रेणी में 700-800 रुपये या उससे अधिक मूल्य वाली 750 मिलीलीटर की बोतलें आती हैं, यद्यपि इनका वास्तविक विक्रय मूल्य राज्यों की आबकारी कर दरों के अनुसार भिन्न हो सकता है।

📈 रेडिको खेतान का ऑल-टाइम हाई प्रदर्शन, यूनाइटेड स्पिरिट्स का मुनाफा 51.6% बढ़ा

रेडिको खेतान (Radico Khaitan) ने चालू वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में अब तक का सबसे उच्च स्तरीय वॉल्यूम, रेवेन्यू एवं शुद्ध मुनाफा अर्जित किया है।

कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा (Consolidated Net Profit) 76 प्रतिशत बढ़कर 229.60 करोड़ रुपये तथा कुल राजस्व 13.22 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5,867.69 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। रेडिको के प्रीमियम ब्रांडों का कुल वॉल्यूम 35.8 प्रतिशत बढ़कर 52.2 लाख केस के स्तर पर जा पहुंचा। दूसरी ओर, यूनाइटेड स्पिरिट्स (United Spirits) का शुद्ध मुनाफा 51.6 प्रतिशत बढ़कर 391 करोड़ रुपये रहा, जबकि परिचालन से प्राप्त राजस्व (Revenue from Operations) 5 प्रतिशत बढ़कर 6,113 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। यद्यपि कंपनी के पॉपुलर (मास) सेगमेंट का नेट सेल्स वैल्यू (NSV) 17.5 प्रतिशत घटकर 206 करोड़ रुपये रह गया।

🍺 यूनाइटेड ब्रुअरीज के प्रीमियम बीयर पोर्टफोलियो में 17% की ग्रोथ, हाइनेकेन सिल्वर की मजबूत मांग

भारत की विशालतम बीयर निर्माता कंपनी यूनाइटेड ब्रुअरीज (United Breweries Limited – UBL) के प्रीमियम पोर्टफोलियो में 17 प्रतिशत की ठोस बढ़ोतरी दर्ज की गई।

कंपनी के ‘हाइनेकेन सिल्वर’ (Heineken Silver) तथा ‘किंगफिशर अल्ट्रा’ (Kingfisher Ultra) जैसे फ्लैगशिप ब्रांडों ने इस वृद्धि में प्रमुख योगदान दिया। हालांकि, उच्च परिचालन लागत एवं पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के वैश्विक प्रभावों के कारण कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा 9.64 प्रतिशत घटकर 166.28 करोड़ रुपये रह गया, जबकि कुल रेवेन्यू 10 प्रतिशत बढ़कर 5,919.44 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, प्रीमियम मार्जिन पहली बार पिछली तिमाही में परिचालन लाभप्रदता हेतु लाभदायक सिद्ध हुआ है और आगे भी यह प्रवृत्ति जारी रहने की संभावना है।

📊 एलाइड ब्लेंडर्स, तिलकनगर इंडस्ट्रीज और सुला वाइनयार्ड्स के वित्तीय परिणाम

उद्योग की अन्य प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों में भी प्रीमियम सेगमेंट का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ:

  • एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स (ABD): कंपनी का परिचालन राजस्व 5.8 प्रतिशत बढ़कर 984 करोड़ रुपये रहा। कुल बिक्री मूल्य में प्रीमियम सेगमेंट की हिस्सेदारी बढ़कर 59.3 प्रतिशत हो गई (जो गत वर्ष समान अवधि में 55.8% थी)। हालांकि, शुद्ध मुनाफा 18.65 प्रतिशत घटकर 45.42 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

  • तिलकनगर इंडस्ट्रीज (Tilaknagar Industries): ‘इम्पीरियल ब्लू’ व्हिस्की कारोबार के एकीकरण के परिणामस्वरूप कंपनी का कुल रेवेन्यू 165.4 प्रतिशत उछलकर 2,252.42 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, अधिग्रहण व एकीकरण से संबंधित एकमुश्त खर्चों के कारण शुद्ध मुनाफा 64.3 प्रतिशत घट गया।

  • सुला वाइनयार्ड्स (Sula Vineyards): देश की सबसे बड़ी वाइन निर्माता कंपनी सुला वाइनयार्ड्स का परिचालन से शुद्ध राजस्व 3 प्रतिशत बढ़कर 112.9 करोड़ रुपये रहा, जिसमें कंपनी के प्रीमियम एवं एलीट वाइन ब्रांडों की बिक्री का प्रमुख योगदान रहा।

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