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पन्ना में एक घंटे की बारिश से खुला विकास के दावों का पोल: कृष्णगढ़ में घरों में घुसा नाले का गंदा पानी, रतजगा करने को मजबूर ग्रामीण

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पन्ना (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में शनिवार देर रात महज एक घंटे हुई मूसलाधार बारिश ने पंचायत प्रशासन के विकास और जल निकासी (Drainage System) के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलकर रख दी है।

सुचारू जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण गांव में जगह-जगह भारी जलजमाव हो गया, जिससे आम नागरिकों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। पवई जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम कृष्णगढ़ में मुख्य मार्ग पर नाले का दूषित पानी ओवरफ्लो होकर सीधे दर्जनों घरों में घुस गया। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीणों की गृहस्थी का कीमती सामान पानी में डूबकर नष्ट हो गया और गांव में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति निर्मित हो गई।

🌊 एक घंटे की बारिश में जलमग्न हुआ मुख्य मार्ग, हाई स्कूल के सामने भरा घुटनों तक पानी

महज एक घंटे की मूसलाधार बारिश से कृष्णगढ़ गांव का मुख्य संपर्क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया।

गांव स्थित शासकीय हाई स्कूल के सामने घुटनों तक पानी भर जाने से वाहनों और राहगीरों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। पवई पंचायत क्षेत्र के कई मकानों में एक फीट से भी ज्यादा पानी भर जाने से स्थितियां भयावह हो गईं। स्थिति इतनी चिंताजनक है कि प्रभावित परिवारों के घरों में भोजन पकाने और चूल्हा जलाने तक की सूखी जगह नहीं बची है। अबोध बच्चों और महिलाओं को पूरी रात जागकर (रतजगा कर) तिरपाल व छतों पर समय व्यतीत करना पड़ रहा है।

😡 सिस्टम की घोर लापरवाही से ग्रामीण त्रस्त, दूसरों के घरों में शरण लेने को मजबूर

कृष्णगढ़ निवासी पीड़ित मोहम्मद रज्जाक ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया, “घरों के भीतर नाले का गंदा पानी भरा हुआ है। हम अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर पड़ोसियों के पक्के घरों में शरण लेने को विवश हैं। घर में खाना बनाने तक की जगह शेष नहीं बची है। यदि एक-दो दिनों के भीतर पानी की निकासी नहीं कराई गई, तो हमारे कच्चे मकान ढह जाएंगे और हम पूरी तरह बेघर हो जाएंगे। लंबे समय से हर बारिश में यही नारकीय स्थिति बनती है, किंतु प्रशासन ने आज तक स्थायी समाधान नहीं निकाला।”

🏚️ आधी-अधूरी नाली निर्माण से बढ़ा मकान ढहने का खतरा, पंचायत प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत द्वारा गांव में आधी-अधूरी नाली का निर्माण कराकर कार्य को अधूरा छोड़ दिया गया और प्राकृतिक जल निकासी के मार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया।

इसी तकनीकी खामी के कारण बारिश का पूरा पानी सीधे बस्तियों और घरों में प्रवेश कर जाता है। लगातार जलभराव रहने से मिट्टी के कच्चे मकानों के सीलन के कारण ढहने और क्षतिग्रस्त होने का बड़ा संकट मंडरा रहा है। स्थानीय निवासी अशोक कुमार तिवारी सहित अन्य ग्रामीणों ने पंचायत की कार्यप्रणाली और बजट आवंटन में गंभीर धांधली व लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने पवई तहसील एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से नाले की सफाई कराकर पक्की नाली का निर्माण पूरा कराया जाए, ताकि उन्हें इस वार्षिक नारकीय समस्या से स्थायी मुक्ति मिल सके।

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