राष्ट्र चंडिका न्यूज़,सिवनी। जिले की राजनीति में गुटबाजी की पुरानी बीमारी एक बार फिर सतह पर आ गई है। रविवार को सिवनी कांग्रेस की एकजुटता की हवा उस वक्त निकल गई, जब जिले के दिग्गज दो अलग-अलग ध्रुवों पर खड़े नजर आए। एक ओर जहाँ राज्यसभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह कुरई के परासपानी में संगठन को धार दे रहे थे, वहीं दूसरी ओर जिले के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अपने समर्थकों के साथ कमलनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंच गए।
परासपानी में ‘राजा’ का जमावड़ा – कुरई विकासखंड के ग्राम परासपानी में दिग्विजय सिंह का कार्यक्रम पूरी तरह से ‘वर्तमान टीम’ के नाम रहा। इस दौरान संगठन की मजबूती और आगामी रणनीतियों पर चर्चा हुई। मंच पर वर्तमान नेतृत्व की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि जिले की कमान फिलहाल इसी गुट के हाथ में है।
मंच पर मौजूद प्रमुख चेहरे नरेश मरावी: जिला कांग्रेस अध्यक्ष, ठा. रजनीश सिंह, विधायक, केवलारी, अर्जुन सिंह काकोडिया, पूर्व विधायक, बरघाट, राजा बघेल, प्रदेश कांग्रेस महासचिव सहित अन्य जिला संगठन पदाधिकारी।
छिंदवाड़ा में ‘नाथ’ की शरण में पुराना कुनबा- हैरानी की बात यह रही कि जिस वक्त दिग्विजय सिंह सिवनी की जमीनी नब्ज टटोल रहे थे, ठीक उसी वक्त जिले का एक बड़ा धड़ा नदारद था। पूर्व जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस के पुराने दिग्गजों और साथियों ने कमलनाथ से मुलाकात करना बेहतर समझा। राजनीतिक गलियारों में इस ‘समानांतर शक्ति प्रदर्शन’ को वर्तमान जिला टीम के खिलाफ एक मौन विरोध के रूप में देखा जा रहा है।
सियासी हलचल: जानकारों का मानना है कि एक ही दिन, एक ही समय पर दो अलग-अलग कार्यक्रमों में मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले में ‘सब कुछ ठीक नहीं है’। कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा है कि क्या यह महज संयोग है या फिर आने वाले दिनों में किसी बड़े बदलाव की आहट?
कार्यकर्ताओं में असमंजस – नेताओं की इस गुटबाजी ने आम कार्यकर्ताओं को दुविधा में डाल दिया है। एक तरफ वर्तमान कार्यकारिणी अपनी सक्रियता दिखा रही है, तो दूसरी तरफ पुराने क्षत्रप अपनी उपेक्षा से नाराज होकर दिल्ली और भोपाल के बजाय सीधे ‘नाथ’ के पास अपनी गुहार लगा रहे हैं।अब देखना यह होगा कि क्या प्रदेश नेतृत्व सिवनी की इस ‘दोमुंही’ राजनीति को एक धागे में पिरो पाएगा या फिर गुटबाजी की यह दरार और गहरी होगी?