राष्ट्र चंडिका न्यूज़,सिवनी. सिवनी शहर के लोकप्रिय सुपरमार्केट मोर एंड मोर द्वारा ग्राहकों को दिए जा रहे कथित ऑफर को लेकर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्टोर द्वारा प्रचारित किया जा रहा है कि यदि कोई ग्राहक 1000 या उससे अधिक की खरीदारी करता है, तो उसे 1 किलो शक्कर मुफ्त दी जाएगी। लेकिन सच्चाई कुछ और ही है।
ग्राहकों का आरोप है कि जब वे 1000 या उससे अधिक का सामान खरीदते हैं, खासकर साबुन, तेल, डिटर्जेंट जैसे रोजमर्रा के उपयोग के उत्पाद, तब उन्हें मुफ्त चीनी नहीं दी जाती। स्टोर का स्टाफ यह कहकर पल्ला झाड़ लेता है कि यह ऑफर केवल ग्रॉसरी यानी अनाज, मसाले, दालें आदि पर लागू है -लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस बात की जानकारी न तो कहीं लिखी होती है और न ही प्रचार सामग्री में इसका कोई उल्लेख होता है।
ग्राहकों का कहना है कि स्टोर के प्रचार में कहीं भी यह नहीं लिखा होता कि किन वस्तुओं की खरीद पर यह ऑफर मान्य है और किन पर नहीं। इससे ग्राहक भ्रमित होकर 1000 तक की खरीदारी कर लेते हैं और बाद में उन्हें बताया जाता है कि आपकी खरीदारी शक्कर के ऑफर के अंतर्गत नहीं आती।
ग्राहकों को लग रहा है ठगा गया
स्थानीय निवासी राकेश यादव ने बताया, मैंने 1020 रुपये का सामान खरीदा जिसमें साबुन, तेल और कुछ अन्य घरेलू सामग्री शामिल थी। लेकिन जब मैंने शक्कर मांगी तो स्टाफ ने मना कर दिया। कहा गया कि यह ऑफर सिर्फ ग्रॉसरी आइटम्स पर लागू है। नीलम बाई ठाकुर ने बताया, मैंने बच्चों के लिए तेल, साबुन और कुछ खाने-पीने की चीजें मिलाकर 1050 की खरीदारी की। जब मैंने ऑफर के तहत चीनी मांगी तो स्टाफ ने कहा कि यह ऑफर इन सामानों पर नहीं है। यह तो सीधा धोखा है!
ऐसी ही शिकायत राजेश यादव, श्रीमती रेखा दुबे, अनिल साहू जैसे कई अन्य ग्राहकों ने भी की है। उनका कहना है कि अगर ऑफर सीमित है, तो उसकी स्पष्ट जानकारी पोस्टर, बैनर या स्टोर के भीतर दी जानी चाहिए थी, ताकि ग्राहक भ्रमित न हों।
कानूनी उल्लंघन का मामला बन सकता है
उपभोक्ता अधिकार विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की भ्रामक छूट योजना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 का सीधा उल्लंघन है। अगर स्टोर किसी चीज को फ्री दे रहा है, तो उसे स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि किन उत्पादों की खरीद पर यह लागू होगा। ऐसा न करना भ्रामक प्रचार की श्रेणी में आता है और इसके लिए स्टोर प्रबंधन पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अब उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की जांच कराई जाए और मोर एंड मोर प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। साथ ही भविष्य में इस तरह के भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। यदि उपभोक्ता ठगा हुआ महसूस कर रहा है, तो वह जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करा सकता है, जिसमें उसे उचित न्याय मिल सकता है। आपका अधिकार, आपकी आवाज़-ठगी से सतर्क रहें, शिकायत ज़रूर करें.