खवासा बॉर्डर पर ढाबों की आड़ में अवैध शराब और ड्रग्स का काला कारोबार, ग्रामीणों में भय

राष्ट्र चंडिका न्यूज़,सिवनी। जिले के सीमावर्ती क्षेत्र खवासा में ढाबों की आड़ में अवैध नशे का कारोबार फल-फूल रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र कुमार बिसेन ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपकर खवासा स्थित जायसवाल ढाबा और हिमांशु ढाबा पर अवैध रूप से मदिरा और घातक ड्रग्स बेचने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
बॉर्डर का फायदा उठाकर तस्करी
शिकायत के अनुसार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा का लाभ उठाकर इन ढाबों के संचालकों द्वारा बिना किसी लाइसेंस के अंग्रेजी और देशी शराब बेची जा रही है। आरोप है कि यह नेटवर्क केवल ढाबे तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां से महाराष्ट्र के सीमावर्ती ढाबों और मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अवैध शराब की सप्लाई की जा रही है।
बसों के माध्यम से नेटवर्क का संचालन
शिकायत में एक चौंकाने वाला खुलासा किया गया है कि ढाबा संचालकों ने बस ड्राइवरों और कंडक्टरों के साथ साठगांठ कर रखी है। कमीशन के लालच में बसें इन्हीं ढाबों पर रोकी जाती हैं, ताकि यात्रियों की भीड़ की आड़ में अवैध गतिविधियों को छिपाया जा सके। चर्चा है कि ड्राइवरों के माध्यम से भी नशीले पदार्थों की अवैध सप्लाई की जा रही है।
असामाजिक तत्वों का जमावड़ा और सुरक्षा पर खतरा
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन ढाबों पर देर रात तक असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है, जिससे क्षेत्र में किसी भी समय बड़ी आपराधिक घटना होने की संभावना बनी रहती है। शिकायतकर्ता ने विभाग के कुछ कर्मचारियों पर भी मिलीभगत और संरक्षण देने का संदेह जताया है।
> “अवैध नशे के कारण युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। यदि प्रशासन अचानक इन ढाबों की तलाशी ले, तो बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है।” – महेन्द्र कुमार बिसेन, सामाजिक कार्यकर्ता
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी से मांग की है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल छापामार कार्रवाई की जाए और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही कर अवैध धंधों पर रोक लगाई जाए।





